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सूरह 95 · 8 आयतें · मक्की

At-Tin

التين

بِّسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

  1. पेज 597

    وَٱلتِّينِ وَٱلزَّيْتُونِ

    क़सम है अंजीर की! तथा ज़ैतून की!

  2. وَطُورِ سِينِينَ

    एवं "तूरे सीनीन" की क़सम!

  3. وَهَـٰذَا ٱلْبَلَدِ ٱلْأَمِينِ

    और इस शान्ति वाले नगर की क़सम!

  4. لَقَدْ خَلَقْنَا ٱلْإِنسَـٰنَ فِىٓ أَحْسَنِ تَقْوِيمٍ

    निःसंदेह हमने इनसान को सबसे अच्छी संरचना में पैदा किया है।

  5. ثُمَّ رَدَدْنَـٰهُ أَسْفَلَ سَـٰفِلِينَ

    फिर हमने उसे सबसे नीची हालत की ओर लौटा दिया।

  6. إِلَّا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ فَلَهُمْ أَجْرٌ غَيْرُ مَمْنُونٍ

    परंतु जो लोग ईमान लाए तथा उन्होंने सत्कर्म किए, उनके लिए समाप्त न होने वाला बदला है।

  7. فَمَا يُكَذِّبُكَ بَعْدُ بِٱلدِّينِ

    फिर (ऐ मनुष्य) तुझे कौन-सी चीज़ बदले (के दिन) को झुठलाने पर आमादा करती है?

  8. أَلَيْسَ ٱللَّهُ بِأَحْكَمِ ٱلْحَـٰكِمِينَ

    क्या अल्लाह सब हाकिमों से बड़ा हाकिम नहीं है?

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

8 आयतें

अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net