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सूरह 26 · आयत 50

Ash-Shu'araa 26:50

الشعراء

قَالُوا۟ لَا ضَيْرَ ۖ إِنَّآ إِلَىٰ رَبِّنَا مُنقَلِبُونَ

मतलब

उन्होंने कहा : कोई नुक़सान नहीं, निश्चित रूप से हम अपने पालनहार की ओर पलटने वाले हैं।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

जादूगरों ने फ़िरऔन से कहा : इस संसार में हाथ-पैर काटने तथा सूली पर चढ़ाने की जो तू हमें धमकी दे रहा है, उसमें कोई नुक़सान नहीं। क्योंकि तेरी यातना बीत जाएगी और हम अपने रब ही की ओर पलटने वाले हैं, और वह हमें अपनी शाश्वत दया में प्रवेश करेगा।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

तफ़सीरें
Ash-Shu'araa

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net