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सूरह 109 · 6 आयतें · मक्की

Al-Kaafiroon

الكافرون

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

  1. पेज 603

    قُلْ يَـٰٓأَيُّهَا ٱلْكَـٰفِرُونَ

    (ऐ नबी!) आप कह दीजिए : ऐ काफ़िरो!

  2. لَآ أَعْبُدُ مَا تَعْبُدُونَ

    मैं उसकी इबादत नहीं करता, जिसकी तुम इबादत करते हो।

  3. وَلَآ أَنتُمْ عَـٰبِدُونَ مَآ أَعْبُدُ

    और न तुम उसकी इबादत करने वाले हो, जिसकी मैं इबादत करता हूँ।

  4. وَلَآ أَنَا۠ عَابِدٌ مَّا عَبَدتُّمْ

    और न मैं उसकी इबादत करने वाला हूँ, जिसकी इबादत तुमने की है।

  5. وَلَآ أَنتُمْ عَـٰبِدُونَ مَآ أَعْبُدُ

    और न तुम उसकी इबादत करने वाले हो, जिसकी मैं इबादत करता हूँ।

  6. لَكُمْ دِينُكُمْ وَلِىَ دِينِ

    तुम्हारे लिए तुम्हारा धर्म तथा मेरे लिए मेरा धर्म है।[1]

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

6 आयतें

अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net