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Tafsīr aṭ-Ṭabarī · As-Sajda
सूरह 32

As-Sajda

جامع البيان في تأويل آي القرآن

यह एक शास्त्रीय तफ़सीर का अरबी पाठ है, जैसा Quranic Universal Library (QUL, Tarteel की) में है, QUL के डेटा की उस खुली प्रति से लिया गया जो spa5k/tafsir_api रखता है। QUL यह नहीं बताती कि वह किस छपे संस्करण का अनुसरण करती है और पाठों के लिए कोई लाइसेंस नहीं बताती, इसलिए उन्हें दिखाने का अधिकार सत्यापित नहीं है। किसी ने इसे छपी किताब या पांडुलिपि से नहीं मिलाया है और किसी आलिम ने इसकी समीक्षा नहीं की है। हर अंश उन आयतों के पास है जिन पर वह टिप्पणी करता है; वे आयतें Tanzil का क़ुरआनी पाठ हैं, जैसा वहाँ है। जहाँ पाठ में संपादक की कोई टिप्पणी दोहरे कोष्ठक में है, वहाँ वह जैसी है वैसी दिखाई गई है। अभी कोई अनुवाद नहीं है।

पाठ का स्रोत:Quranic Universal Libraryspa5k/tafsir_apiMIT2026-10-21 को लिया गया

आयतें 14–15

فَذُوقُوا۟ بِمَا نَسِيتُمْ لِقَآءَ يَوْمِكُمْ هَـٰذَآ إِنَّا نَسِينَـٰكُمْ ۖ وَذُوقُوا۟ عَذَابَ ٱلْخُلْدِ بِمَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ 14 إِنَّمَا يُؤْمِنُ بِـَٔايَـٰتِنَا ٱلَّذِينَ إِذَا ذُكِّرُوا۟ بِهَا خَرُّوا۟ سُجَّدًا وَسَبَّحُوا۟ بِحَمْدِ رَبِّهِمْ وَهُمْ لَا يَسْتَكْبِرُونَ ۩ 15

القول في تأويل قوله تعالى: ﴿فَذُوقُوا بِمَا نَسِيتُمْ لِقَاءَ يَوْمِكُمْ هَذَا إِنَّا نَسِينَاكُمْ وَذُوقُوا عَذَابَ الْخُلْدِ بِمَا كُنْتُمْ تَعْمَلُونَ (١٤) ﴾

يقول تعالى ذكره: يقال لهؤلاء المشركين بالله إذا هم دخلوا النار: ذوقوا عذاب الله بما نسيتم لقاء يومكم هذا في الدنيا، ﴿إنَّا نَسِيناكُمْ﴾ يقول: إنا تركناكم اليوم في النار.

* *

وقوله: ﴿وَذُوقُوا عَذَابَ الخُلْدِ﴾

يقول: يقال لهم أيضا: ذوقوا عذابا تخلدون فيه إلى غير نهاية ﴿بِما كُنْتُمْ﴾ في الدنيا ﴿تَعْمَلُونَ﴾ من معاصي الله.

وبنحو ما قلنا في ذلك قال أهل التأويل.

ذكر من قال ذلك:

⁕ حدثنا بشر، قال: ثنا يزيد، قال: ثنا سعيد، عن قَتادة ﴿فَذُوقُوا بِمَا نَسِيتُمْ لِقَاءَ يَوْمِكُمْ هَذَا إِنَّا نَسِينَاكُمْ﴾ قال: نسوا من كلّ خير، وأما الشرّ فلم ينسوا منه.

⁕ حدثني عليّ، قال: ثنا أبو صالح، قال: ثني معاوية، عن عليّ، عن ابن عباس في قوله: ﴿إنَّا نَسِيناكُمْ﴾ يقول: تركناكم.