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Tafsir As-Saadi - Russian · Al-Lail
सूरह 92

Al-Lail

यह तफ़सीर अस-सअदी का एक अनुवाद है, जैसा IslamHouse.com उसे saadi.islamenc.com पर प्रकाशित करता है, उस साइट के पन्नों से लिया गया। साइट यह नहीं बताती कि इसका अनुवाद किसने किया या यह किस छपे संस्करण का अनुसरण करता है, और इसका पाठ लेने की कोई शर्तें नहीं बताती, इसलिए इसे दिखाने का अधिकार सत्यापित नहीं है। किसी ने इसे छपी किताब से नहीं मिलाया है और किसी आलिम ने इसकी समीक्षा नहीं की है। हर अंश उन आयतों के पास है जिन पर वह टिप्पणी करता है; वे आयतें Tanzil का क़ुरआनी पाठ हैं, जैसा वहाँ है; जिस आयत की साइट अपनी अलग टिप्पणी नहीं देती वह अपने से पहले के अंश के साथ रहती है, और सूची ऐसी हर आयत का नाम देती है। सबील ने इसमें से कुछ भी न लिखा है, न अनुवाद किया है।

पाठ का स्रोत:saadi.islamenc.comIslamHouse.comnone stated (the site names no licence and no terms for taking its text)2026-10-22 को लिया गया

आयतें 1–2

وَٱلَّيْلِ إِذَا يَغْشَىٰ 1 وَٱلنَّهَارِ إِذَا تَجَلَّىٰ 2

(1-2) Всевышний Аллах поклялся промежутками времени, в течение которых Божьи рабы творят свои добрые и злые деяния. Он поклялся ночью, которая покры- вает все творения своим мраком, и каждый из них находит свое пристанище и укрывается в своем доме, отдыхая после тяжелого труда. Он также поклял- ся днем, который освещает этот мир для того, чтобы люди могли трудиться во благо себе.