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अज़कार

जुमा

जुमे के दिन, दिन भर पढ़ा जाता है।

इल्मी जाँच: अभी बाक़ी है

यह टेक्स्ट सबील की प्रिंट लाइब्रेरी से लिया गया है। इसकी इल्मी जाँच अभी जारी है; जब दो उलमा इस पर दस्तख़त कर देंगे, तब हर चीज़ के साथ उसकी जाँच करने वालों के नाम और तारीख़ दर्ज होगी।

ड्राफ़्ट तर्जुमा: मशीन ने अरबी और अंग्रेज़ी से तैयार किया है, और अभी तक किसी आलिम या मातृभाषी एडिटर ने इसे नहीं पढ़ा है। जहाँ कोई पंक्ति साफ़ न हो, वहाँ अंग्रेज़ी दिखाएँ और अरबी पर भरोसा करें।

जो पंक्तियाँ किसी शरई हुक्म से जुड़ी हैं, उनके नीचे छपी हुई अंग्रेज़ी हमेशा दिखाई जाती है। जिस पंक्ति का ड्राफ़्ट जाँच में खरा नहीं उतरा, वह केवल अंग्रेज़ी में दिखाई जाती है।

जुमे का दिन — दिन भर
कोई मुक़र्रर तादाद नहीं
اللَّهُمَّ صَلِّ وَسَلِّمْ عَلَىٰ نَبِيِّنَا مُحَمَّدٍ
अल्लाहुम्म सल्लि व सल्लिम अला नबिय्यिना मुहम्मद
Allāhumma ṣalli wa sallim ‘alā Nabiyyinā Muḥammad
ऐ अल्लाह, हमारे नबी मुहम्मद पर दुरूद और सलाम भेज।
अबू दाऊद और नसाई · हसन/सहीह — “जुमे के दिन मुझ पर कसरत से दुरूद भेजो।”

बिंदीदार किनारे वाली पंक्तियाँ अरबी का तलफ़्फ़ुज़ हैं, जो उसकी हरकात से क़ायदे के मुताबिक़ बनाया गया है। ये छपी हुई किताबों से नहीं हैं और इनकी जाँच नहीं हुई है: जहाँ यह अरबी से अलग हो, वहाँ अरबी ही सही है।